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My Expressions

ए युवा

मौका है, जरुरत है बस तेरा इंतजार है

मैं, तू उठ जाये तो दूर कौन सी बहार है

आजादी से पहली शाम फिर से यही सवाल है 

मैं और तू, हम सब क्या इस आजादी के हकदार है?

क्या सोच के भगत मरा था, क्यूँ असफाक ने कदम बढाये

क्यूँ खुदीराम हंस के फासी चढ़ गया, क्या सावरकर ने स्वप्न सजाये

इनकी शक्ले इनकी यादे  यही सवाल उठाती  है

“ए युवा तेरी जवानी क्यूँ आज सो जाती है 

तेरा करियर तेरा जीवन,  क्या यही आज आजादी की परिभाषा है?

हम तो चले गये थे पर ए युवा तू ही तो हमारी आशा थी

मरना तो नही था बस जी के देश को बढाना था”

सर झुका के फिर खड़ा हूँ, सुनता हूँ पर कुछ बोल न पाता हूँ

कुछ तो मैं भी करू, ये सोच के आज फिर दो कदम बढाता हूँ.

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Exploring self.

Discussion

One thought on “ए युवा

  1. simple words but highly inspiring 🙂

    Posted by anshumandutt | August 21, 2012, 5:41 pm

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