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My Expressions

आखिर भगवान देता किसे है?

मंदिर मैं उजाला ही उजाला था
ऊपर कही टेकरी मैं था तो घूम के जाना था
थोडा अँधेरा भी ज्यादा पसर गया था
मंदिर के उजाले मैं दिखा ही नही कि नीचे उसके बन्दे सब अँधेरे मैं थे
मंदिर मैं लोग आते गये, बड़ी बड़ी गाडियो से आये
हाथ जोड़ा, थोडा माँगा, थोडा दिए हुए के लिए धन्यवाद कहा
इधर उधर देख के खूबसूरती कि तारीफ भी कि
पर भगवान के बन्दों का अँधेरे से भरा वो गावं किसी को भी नही दिखा
ये भी शायद नही सोचा कि भगवान देने ही वाले होते तो
जो अँधेरे मैं बेठ के रोज मांगते है उन्हें ही सबसे पहले देता 
सब सोच के मन मैं सवाल उठा आखिर भगवान देता किसे है?
उसे जो सिर्फ मांगता ही रहता है 
या जो उसे ले के उसके बन्दों मैं देता भी फिरता है ??

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